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अप्रैल 1, 2014 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

हो गई है पीर पर्वत / दुष्यंत कुमार

हो गई है पीर पर्वत  दुष्यंत कुमार हो गई है पीर पर्वत-सी पिघलनी चाहिए इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए आज यह दीवार, परदों की तरह हिलने लगी शर्त थी लेकिन कि ये बुनियाद हिलनी चाहिए हर सड़क पर, हर गली में, हर नगर, हर गाँव में हाथ लहराते हुए हर लाश चलनी चाहिए सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए

ज़िन्दगी का दर्द लेकर इन्क़लाब आया तो क्या / शकील बदायूँनी

ज़िन्दगी का दर्द लेकर इन्क़लाब आया तो क्या  शकील बदायूँनी ज़िन्दगी का दर्द लेकर इन्क़लाब आया तो क्या एक जोशीदा पे ग़ुर्बत में शबाब आया तो क्या अब तो आँखों पर ग़म-ए-हस्ती के पर्दे पड़ गए अब कोई हुस्न-ए-मुजस्सिम बेनक़ाब आया तो क्या ख़ुद चले आते तो शायद बात बन जाती कोई बाद तर्क-ए-आशिक़ी ख़त का जवाब आया तो क्या मुद्दतों बिछड़े रहे फिर भी गले तो मिल लिए हम को शर्म आई तो क्या उनको हिजाब आया तो क्या एक तजल्ली से मुनव्वर कीजिए क़त्ल-ए-हयात हर तजल्ली पर दिल-ए-ख़ानाख़राब आया तो क्या मतला-ए-हस्ती की साज़िश देखते हम भी 'शकील' हम को जब नींद आ गई फिर माहताब आया तो क्या

क़दम मिला कर चलना होगा / अटल बिहारी वाजपेयी

क़दम मिला कर चलना होगा  अटल बिहारी वाजपेयी  बाधाएँ आती हैं आएँ घिरें प्रलय की घोर घटाएँ, पावों के नीचे अंगारे, सिर पर बरसें यदि ज्वालाएँ, निज हाथों में हँसते-हँसते, आग लगाकर जलना होगा। क़दम मिलाकर चलना होगा। हास्य-रूदन में, तूफ़ानों में, अगर असंख्यक बलिदानों में, उद्यानों में, वीरानों में, अपमानों में, सम्मानों में, उन्नत मस्तक, उभरा सीना, पीड़ाओं में पलना होगा। क़दम मिलाकर चलना होगा। उजियारे में, अंधकार में, कल कहार में, बीच धार में, घोर घृणा में, पूत प्यार में, क्षणिक जीत में, दीर्घ हार में, जीवन के शत-शत आकर्षक, अरमानों को ढलना होगा। क़दम मिलाकर चलना होगा। सम्मुख फैला अगर ध्येय पथ, प्रगति चिरंतन कैसा इति अब, सुस्मित हर्षित कैसा श्रम श्लथ, असफल, सफल समान मनोरथ, सब कुछ देकर कुछ न मांगते, पावस बनकर ढ़लना होगा। क़दम मिलाकर चलना होगा। कुछ काँटों से सज्जित जीवन, प्रखर प्यार से वंचित यौवन, नीरवता से मुखरित मधुबन, परहित अर्पित अपना तन-मन, जीवन को शत-शत आहुति में, जलना होगा, गलना होगा। क़दम मिलाकर चलना होगा।