कौ ठगवा नगरिया लूटल हो / कबीरदास लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप - नवंबर 12, 2015 कौ ठगवा नगरिया लूटल हो / कबीरदास कौ ठगवा नगरिया लूटल हो।। चंदन काठ कै वनल खटोलना, तापर दुलहिन सूतल हो।। उठो री सखी मोरी माँग सँवारो, दुलहा मोसे रूसल हो।। आये जमराज पलंग चढ़ि ब... और पढ़ें