दीवाली/ हरिवंशराय बच्चन लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप - नवंबर 11, 2015 दीवाली साथी, घर-घर आज दिवाली! फैल गयी दीपों की माला मंदिर-मंदिर में उजियाला, किंतु हमारे घर का, देखो, दर काला, दीवारें काली! साथी, घर-घर आज दिवाली! हास उमंग हृदय में भर-भर घूम रहा ग... और पढ़ें