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घायल भारत माता की तस्वीर दिखाने लाया हूँ / हरिओम पंवार

घायल भारत माता की तस्वीर दिखाने लाया हूँ  हरिओम पंवार घायल भारत माता की तस्वीर दिखाने लाया हूँ मैं भी गीत सुना सकता हूँ शबनम के अभिनन्दन के मै भी ताज पहन सकता हूँ नंदन वन के चन्दन के लेकिन जब तक पगडण्डी से संसद तक कोलाहल है तब तक केवल गीत पढूंगा जन-गण-मन के क्रंदन के जब पंछी के पंखों पर हों पहरे बम के, गोली के जब पिंजरे में कैद पड़े हों सुर कोयल की बोली के जब धरती के दामन पार हों दाग लहू की होली के कैसे कोई गीत सुना दे बिंदिया, कुमकुम, रोली के मैं झोपड़ियों का चारण हूँ आँसू गाने आया हूँ | घायल भारत माता की तस्वीर दिखाने लाया हूँ || कहाँ बनेगें मंदिर-मस्जिद कहाँ बनेगी रजधानी मण्डल और कमण्डल ने पी डाला आँखों का पानी प्यार सिखाने वाले बस्ते मजहब के स्कूल गये इस दुर्घटना में हम अपना देश बनाना भूल गये कहीं बमों की गर्म हवा है और कहीं त्रिशूल चलें सोन -चिरैया सूली पर है पंछी गाना भूल चले आँख खुली तो माँ का दामन नाखूनों से त्रस्त मिला जिसको जिम्मेदारी सौंपी घर भरने में व्यस्त मिला क्या ये ही सपना देखा था भगतसिंह की फाँसी ने जागो राजघाट के गाँधी तुम्हे जगाने आया हूँ | घायल भारत माता ...